अंजीर में कितना प्रोटीन (Fig in Hindi): उपयोग, फायदे और न्यूट्रिशनल वैल्यू

 अंजीर (Fig in Hindi): उपयोग, फायदे और न्यूट्रिशनल वैल्यू


अंजीर का पौष्टिक मूल्य (न्यूट्रिशनल वैल्यू):

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम

प्रोटीन 4.67 %

(वसा) फैट 0.56 %

डाइटरी फाइबर 3.68 %

ऊर्जा 317.78 किलो कैलोरीl


सुबह खाली पेट अंजीर खाने से क्या होता हैअंजीर में फाइबर होता है जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है जिससे आप बार-बार खाने से बचते हैं और आपका वजन कंट्रोल में रहता है. अंजीसे पेट की चर्बी को जलाने में मदद मिलती है. अंजीर कैल्शियम का रिच सोर्स होता है जो हड्डियों की मजबूती के लिए 

अंजीर के फायदे -

  1. एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में अंजीर के लाभ
  2. अंजीर के कैंसर-रोधी (एंटी-कैंसर) लाभ
  3. हिपेटोप्रोटेक्टिव एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ
  4. एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ
  5. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में अंजीर के लाभ
  6. एक एंटीबैक्टिरीअल और एंटिफंगल एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ




अंजीर का पौष्टिक मूल्य (न्यूट्रिशनल वैल्यू): 

अंजीर के संभावित उपयोग:

अंजीर के फायदे:

अंजीर का इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव

अंजीर के नुकसान

अंजीर के सेवन के साथ बरती जाने वाली सावधानियाँ 

दूसरे दवाओं के साथ परस्पर क्रिया (इंटरैक्शन)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:


परिचय

फाइकस केरिका एल. को हिंदी में ‘अंजीर’ और अंग्रेजी में ‘फिग’ कहा जाता है। इसका उत्पादन मिस्र, तुर्की, मोरक्को, स्पेन, इटली, ग्रीस, केलिफोर्निया, और ब्राज़ील जैसे देशों में होता है। यह गर्म, सूखे और हलके ठंड वाले जलवायु परिस्थितियों (क्लाइमेटिक कंडीशन) में उगता है। अंजीर का उपयोग पुरी दुनिया में सूखे और ताज़े दोनों ही रूप में किया जाता है।1–3 अंजीर का खाया जाने वाला भाग, इसका फल होता है, एक पात्र जैसा, गूदेदार और खोखला होता है।2




अंजीर का पेड़ मूल रूप (नेटिव) से एशिया (दक्षिणपश्चिम भाग) का पौधा है और अब यह यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी फ़ैल गया है। भारत में पूजा में अंजीर का एक महत्वपूर्ण स्थान है। पुराने समय से ही अंजीर के पेड़ को खाने और दवाओं का एक समृद्ध स्त्रोत (रिच सोर्स) माना जाता है।3 


अंजीर का पौष्टिक मूल्य (न्यूट्रिशनल वैल्यू): 

संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग (एग्रिकल्चरल डिपार्टमेंट) के अनुसार, सूखे अंजीर में हाई न्यूट्रिएंट वैल्यू पाया गया है क्योंकि इसमें दूसरे सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट) की तुलना में, बहुत अधिक खनिज (मिनरल्स) और विटामिन्स होते हैं।3


पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम 

कार्बोहाइड्रेट 73.50 % 

प्रोटीन 4.67 % 

(वसा) फैट 0.56 % 

डाइटरी फाइबर 3.68 % 

ऊर्जा 317.78 किलो कैलोरीl 

टेबल 1: सूखे अंजीर के फल के नमूने का पोषण संबंधी रूपरेखा।1 



खनिज (मिनरल्स) सांद्रता (कॉन्सेंट्रेशन) (ppm) 

स्ट्रोन्शियम (Sr) सैचुरेटेड (अधिकतम संभव मात्रा) 

कैल्शियम (Ca) 1545.46 

मैग्नीशियम (Mg) 679.04 

फॉस्फोरस (P) 365.75 

आयरन (Fe) 29.49 

कैडमियम (Cd) 0.0034 

कॉपर (Cu) 5.02 

मैंगनीज़ (Mn) 4.75 

आर्सेनिक (As) 1.669 

क्रोमियम (Cr) 1.47 

टाइटेनियम (Ti) 0.3727 

निकिल (Ni) 1.178 

टिन (Sn) 1.329 

ज़िंक (Zn) 9.87 

कोबाल्ट (Co) 0.032 

लेड (Pb) 0.680 

लिथियम (Li) 0.245 

मॉलिब्डेनम (Mo) 0.026 

थैलियम (Tl) 1.5686 

ऐंन्टिमनी (Sb) 0.298 

सेलेनियम (Se) 0.790 

टेबल 2: सूखे अंजीर के फल में में खनिज (मिनरल्स) की मात्रा।3


अंजीर के संभावित उपयोग:

यूनानी, सिद्धा, आयुर्वेदिक और ट्रेडिशनल चीनी दवाएँ बहुत से औषधीय गुणों (मेडिसिनल प्रॉपर्टीज) के लिए अंजीर का उपयोग करती हैं। यह यूनानी मेडिकैशन सिस्टम में एक मूत्रवर्धक (डाइयूरेटिक), कफ निस्सारक (एक्सपेक्टोरेंट) और माइल्ड लैक्सेटिव के रूप में उपयोग में लाया जाता है।3 भविष्य में अंजीर का उपयोग करके, इलाज करने के विधियों को विकसित करने के लिए, अंजीर की सबसे दिलचस्प बायोलॉजीकल गतिविधियों का अध्ययन किया जा सकता है।2


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अंजीर के पौधे के कुछ हिस्सों जैसे बीज, फल, छाल (बार्क), पत्ते, अंकुर और लेटेक्स का बहुत से औषधीय अनुप्रयोगों (मेडिसिनल ऐप्लिकैशन) के लिए उपयोग किया गया है। इसके थेराप्यूटिक फ़ायदों के कारण, अंजीर का पारंपरिक (ट्रेडिशनल) रूप से बहुत सी बीमारियों जैसे हृदय संबंधी परेशानियाँ (कार्डियोवस्कुलर डिसॉर्डर), कॉलिक, भूख न लगना, अपच और दस्त (डायरिया) (गेस्ट्रोइंटेस्टीनल डिसॉर्डर), खाँसी, गले में खराश, ब्रोन्कियल समस्याओं (रेस्पाइरेटरी डिसॉर्डर) के इलाज के लिए दवाओं के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके एंटी-इन्फ्लामैटरी और एंटीस्पास्मोडिक गुणों के कारण इसका उपयोग एक रेमिडी के रूप में भी किया जाता है। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि अंजीर निम्नलिखित एक्टिविटीज को प्रदर्शित करता है:1


हाइपोलिपिडेमिक

हेपेटोप्रोटेक्टिव

एंटी डायबिटिक 

एंटी पायरेटिक 

एंटी स्पैज़मॉडिक

ऐंटिफंगल

एंटीबैक्टीरीयल

इम्यूनोमॉड्यूलेटरी1

उपयोग पौधे के हिस्से 

कफ के इलाज में पत्तियाँ 

कॉलिक के इलाज में पत्ती, जड़ और फल

मेटाबॉलिक डिसॉर्डर के इलाज में फिग (अंजीर)

एंटीडायरियल फिग (अंजीर) का फल 

अपच पत्ती, जड़, और फल

ट्यूबरकुलोसिस पत्ती

रेस्पाइरेटरी कन्डिशन फिग (अंजीर) का फल

एक माइल्ड लैक्सेटिव, एक्सपेक्टोरेंट, और डाइयूरेटिक फिग (अंजीर) का फल

एंटी-इन्फ्लैमेटरी फिग (अंजीर) का फल

ऐन्थेल्मिन्टिक (कृमिनाशक – आंतों के कीड़े मारने में) पत्ती

एंटीकैंसर फिग (अंजीर) का फल

न्यूट्रिशनल अनिमिया की रोकथाम में पत्ती

पाइल्स फिग (अंजीर) का फल

गाउट (गठिया) फिग (अंजीर) का फल

लैक्सेटिव फिग (अंजीर) का फल

एंटीऑक्सीडेन्ट फिग (अंजीर) का फल

न्यूट्रिटिव डाइट फिग (अंजीर) का फल, पत्ती

विभिन्न प्रकार की दवाओं को तैयार करने में फिग (अंजीर) का फल

कार्डियोवस्कुलर कन्डिशन में फिग (अंजीर) का फल

एंटीप्लेटलेट और एंटी-इन्फ्लैमेटरी फिग (अंजीर) का फल

दाद (रिंगवर्म), ल्यूकोडर्मा और ऐंठन (स्पैज़्म) जड़ें, फिग (अंजीर) का फल

टेबल 3: अंजीर के पुराने (ट्रेडिशनल) और वर्तमान (करेंट) उपयोग2,3 


अंजीर के फायदे:

एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में अंजीर के लाभ

अंजीर में फेनोलिक यौगिक होते हैं जो हाइड्रोजन डोनेटर, रिड्यूसिंग एजेंट, सिंगलेट ऑक्सीजन क्वेंचर्स, फ्री रेडिकल स्कैवेंजर्स आदि के रूप में अपनी एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि (एक्टिविटी) के कारण इंसानों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।2

कई अध्ययनों में कहा गया है कि अंजीर के विभिन्न घटक डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए), लिपिड और प्रोटीन को नुकसान से बचाने के लिए प्रतिक्रियाशील (रिएक्टिव) ऑक्सीजन प्रजातियों को साफ करते हैं।3

अंजीर के कैंसर-रोधी (एंटी-कैंसर) लाभ

अंजीर लेटेक्स से साइटोटॉक्सिक यौगिक एक्सट्रैक्ट किये गए हैं।

इन विट्रो स्टडीस में यह देखा गया की, इन यौगिकों ने कई कैंसर सेल (कोशिका) लाइनों के प्रसार को रोका है।2

इस प्रकार, अंजीर लेटेक्स को कैंसर सेल (कोशिकाओं) के उत्पादन (प्रोडक्शन) और विकास (डेवलपमेंट) का संभावित अवरोधक (पॉसीबल इन्हिबिटर) माना जाता है।3

पेट के कैंसर सेल लाइन के विकास पर अंजीर लेटेक्स के असर पर अध्ययन, इसके संभावित एंटीट्यूमर प्रभावों को दिखाता है।4 

हिपेटोप्रोटेक्टिव एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ 

कई अध्ययन, अंजीर के एक्सट्रैक्ट की संभावित हिपेट्रोप्रोटेक्टिव एक्टिविटी को दिखाते हैं।4

चूहों पर की गई रिसर्च में अंजीर की पत्तियों से पेट्रोलियम ईथर एक्सट्रैक्ट करने का अध्ययन किया गया।

हिपेटोप्रोटेक्टिव एक्टिविटी के लिए चूहों पर एक अध्ययन में एक्सट्रैक्ट का ईवैल्यूऐशन किया गया था, और हिस्टोलॉजिकल, बायोकेमिकल और फंक्शनल बदलावों का महत्वपूर्ण रीवर्सल देखा गया था।

इसने एक्सट्रैक्ट की भावी हिपेटोप्रोटेक्टिव एक्टिविटी का सुझाव दिया।2

एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ  

अंजीर के तने की छाल के एक्सट्रैक्ट में एंटीडायबिटिक प्रभाव (इफ़ेक्ट) देखा गया।

यह पाया गया कि इस एक्सट्रैक्ट ने ब्लड शुगर के लेवल को सामान्य कर दिया।4

डायबिटिक चूहों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अंजीर की पत्ती के एक्सट्रैक्ट में हाइपोग्लाइसेमिक इफ़ेक्ट होता है।2

एक प्रीक्लिनिकल अध्ययन से यह भी पता चला है कि खाने में अंजीर और इसकी पत्तियाँ हाइपरग्लाइसेमिया को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।3

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में अंजीर के लाभ

अंजीर की पत्तियों के एक्सट्रैक्ट पर किए गए अध्ययन से यह पता चलता है कि यह हिपेटिक ट्राइग्लिसराइड (TG) और लिवर से कोलेस्ट्रॉल (कुल कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड (TG) के स्राव (सिक्रीशन) को कम करने की क्षमता रखता है।4

जानवरों के मॉडल पर किए गए अध्ययनों के नतीजे यह बताते हैं कि अंजीर कोरोनरी हार्ट डिसीज की रिस्क को कम कर सकता है।5

एक एंटीबैक्टिरीअल और एंटिफंगल एजेंट के रूप में अंजीर के लाभ

एक अध्ययन से यह पता चलता है कि अंजीर के एक्सट्रैक्ट ओरल बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबैक्टिरीअल एक्टिविटी दिखाते हैं।

ओरल बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाओं के साथ कॉम्बिनेशन में अंजीर के एक्सट्रैक्ट के प्रभाव से यह पता चलता है कि अंजीर को एक नैचुरल एंटीबैक्टिरीअल एजेंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।2

अध्ययनों से यह भी पता चला है कि अंजीर की पत्तियों के एक्सट्रैक्ट में बैक्टीरीसाइडल एक्टिविटी और मोडरेट एंटिफंगल एक्टिविटी देखने को मिलती है।3

इसकी एंटीपायरेटिक गतिविधि के कारण अंजीर के लाभ

शरीर के तापमान (टेम्परेचर) में कमी और तापमान में यीस्ट-इन्ड्यूस बढ़त को दिखाने के लिए अंजीर के एक्सट्रैक्ट का अध्ययन किया गया है। इस एक्सट्रैक्ट ने जेनेरिक एंटीपायरेटिक दवाओं की तुलना में अपना अच्छा प्रभाव दिखाया।2


ट्यूबरकुलोसिस की स्थिति में अंजीर के लाभ 

एक अध्ययन में, अंजीर की पत्तियों के एक्सट्रैक्ट को माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (ट्यूबरकुलोसिस पैदा करने वाले बैक्टीरिया) के खिलाफ असरदार पाया गया।

अंजीर की इस क्षमता के कारण, इसे परंपरागत रूप (ट्रैडीशनली) से मलेशिया में ट्यूबरकुलोसिस के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।2

एक एंटीस्पास्मोडिक और एंटीप्लेटलेट एजेंट के रूप में अंजीर 

कई एक्सपेरिमेंट में अंजीर के एक्सट्रैक्ट के एंटीस्पास्मोडिक इफ़ेक्ट को देखा गया है। इसके परिणाम (रिजल्ट) पके सूखे फल में स्पास्मोलिटिक एक्टिविटी होने की संभावना को भी दिखाते हैं।4

ह्यूमन प्लेटलेट्स के एक एक्स-विवो मॉडल का उपयोग करके इस एक्सट्रैक्ट की जांच की गई, और एंटीस्पास्मोडिक और एंटीप्लेटलेट इफ़ेक्ट देखे गए हैं।2

अंजीर का इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव

इसके इम्यूनोमॉड्यूलेटरी इफ़ेक्ट के ईवैल्यूऐशन और इसके अध्ययन ने यह साबित कर दिया कि अंजीर के एक्सट्रैक्ट ने एंटीबॉडी रीस्पॉन्स में बहुत बढ़िया सुधार किया है।4


Read in English: Cinnamon – Uses, Side Effects & Precautions


अंजीर मुख्य रूप से सूखा हुआ ही बेचा जाता है ताकि सभी मौसमों में इसका उपयोग किया जा सके। अंजीर का जूस, पत्तियों के काढ़ें, चाय और मिठाई के रूप में भी सेवन किया जाता है। 1,6


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प्रकार संबंधित (अबाउट)

ताज़ा – ताजा अंजीर अपने आप में एक लो कैलोरी, हाई फाइबर स्नैक होता है।- इसे डेसर्ट या सलाद में भी शामिल किया जा सकता है। – ताज़े फिग या अंजीर का इस्तेमाल स्वादिष्ट घर के बने जैम और जूस बनाने के लिए किया जा सकता है। 

सूखा हुआ – सूखे अंजीर में कैलोरी के साथ-साथ शुगर की मात्रा भी ज्यादा होती है। – इसे ऐसे ही खाया जा सकता है या आइसक्रीम जैसी ठंडी डिज़र्ट में शामिल किया जा सकता है। – ताजा अंजीर की तुलना में कब्ज के नियंत्रण के लिए सुखा अंजीर बेहतर होता है।

पत्तियाँ – ये खाने योग्य होती हैं और इन्हें कई तरह से खाया जा सकता है।- हेल्थी फिलिंग के लिए रैप (WRAP) के रूप में भी इनका उपयोग किया जा सकता है। 

चाय – स्वादिष्ट, नटी फ्लेवर के लिए अंजीर की पत्तियों को गर्म पानी में भी भिगोया जा सकता है।

अंजीर के नुकसान

अंजीर के साइड इफ़ेक्ट इस प्रकार हैं:


एक प्रीक्लिनिकल अध्ययन से पता चलता है कि अंजीर की पत्ती के एक्सट्रैक्ट का उपयोग, जब हाई डोज में किया जाता है, तो यह लीवर को डैमेज कर सकता है।3

कुछ अन्य अध्ययनों में भी यह दिखाया गया है कि अगर अंजीर की पत्तियों का रेगुलर डोज से ज्यादा मात्रा में उपयोग किया जाता है तो इसकी पत्तियाँ मॉडरेट टॉक्सीसिटी प्रदर्शित करती हैं।6 

Read in English: Aryogyavardhini Vati – Uses, Benefits, Side Effects & More


अंजीर के सेवन के साथ बरती जाने वाली सावधानियाँ 

अंजीर का सेवन करते हुए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:


अंजीर के पत्तों (जब ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किया जाता है) की संभावित टॉक्सीसिटी के कारण, यह सलाह दी जाती है कि आपको इसका सेवन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और इसकी सुरक्षित मात्रा के बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।6

अंजीर ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। हालाँकि, जिन लोगों को डायबिटीज होता है, जब वे अंजीर को कहते हैं, तो उन्हें रोजाना अपने ब्लड शुगर लेवल को मॉनिटर करना

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